गया में मिले दुर्लभ पंचायतन शिवलिंग ने भक्ति और कौतूहल का माहौल बनाया
तालाब में जेसीबी का लोडर बकेट टकराया और सामने आ गया साक्षात इतिहास, गया में मिला दुर्लभ 'पंचायतन शिवलिंग', आस्थावानों की उमड़ रही भीड़
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गया के चितौखर गांव में तालाब की खुदाई के दौरान एक अद्भुत 'पंचायतन शिवलिंग' मिला है, जिसके चारों ओर देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी गई हैं। यह खोज धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
- 01शिवलिंग की चारों ओर देवी-देवताओं की आकृतियां हैं, जो इसे विशेष बनाती हैं।
- 02विशेषज्ञों के अनुसार, यह शिवलिंग पंचायतन शैली में निर्मित है, जो धार्मिक महत्व रखती है।
- 03गांव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
- 04इस खोज को ऐतिहासिक धरोहर का प्रमाण माना जा रहा है, और सुरक्षा की मांग उठ रही है।
- 05विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक जांच की उम्मीदें बढ़ रही हैं, जिससे इलाके के इतिहास के महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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गया जिले के टिकारी प्रखंड के चितौखर गांव में तालाब की खुदाई के दौरान एक अद्भुत 'पंचायतन शिवलिंग' मिला है, जिसने पूरे क्षेत्र में आस्था और कौतूहल का माहौल बना दिया है। इस शिवलिंग की खासियत यह है कि इसके चारों ओर देवी-देवताओं की कलात्मक आकृतियां उकेरी गई हैं। यह शिवलिंग पंचायतन शैली में निर्मित प्रतीत होता है, जो भारतीय सनातन परंपरा में महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी खोज के बाद गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जो इसे देखने और पूजा करने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं। स्थानीय लोग इसे ऐतिहासिक धरोहर मानते हुए प्रशासन से इसकी सुरक्षा और संरक्षण की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसकी वैज्ञानिक जांच की जाए, तो यह इलाके के इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने ला सकती है।
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गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ से धार्मिक गतिविधियां बढ़ी हैं।
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