भूतेश्वर महादेव मंदिर: मथुरा में महादेव की अद्भुत कथा और महत्व
Bhuteshwar Mahadev Temple: मथुरा में यहीं पर बाल कृष्ण के दर्शन के लिए कैलाश से आए थे महादेव, जानें क्यों कहा जाता है शहर का कोतवाल?
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भूतेश्वर महादेव मंदिर, मथुरा, उत्तर प्रदेश में स्थित है, जहां भगवान शिव को क्षेत्रपाल के रूप में पूजा जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए कैलाश से मथुरा आए थे। यह मंदिर नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है और भक्तों को शांति प्रदान करता है।
- 01भूतेश्वर महादेव मंदिर मथुरा का सबसे पुराना मंदिर है।
- 02भगवान शिव को मथुरा का रक्षक माना जाता है।
- 03मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है।
- 04यहां के दर्शन से भक्तों को मानसिक शांति मिलती है।
- 05मंदिर में प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं है।
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भूतेश्वर महादेव मंदिर, मथुरा, उत्तर प्रदेश में स्थित एक प्राचीन शिवालय है, जो भगवान शिव और श्रीकृष्ण के बीच की गहरी भक्ति का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण बाल स्वरूप में अवतरित हुए, तब भगवान शिव कैलाश पर्वत से मथुरा आए थे। इस मंदिर को मथुरा का रक्षक माना जाता है, और यह नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करता है। मंदिर में एक स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है, जिसे केदारनाथ का उपलिंग भी माना जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां के दर्शन से मानसिक चिंताएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंदिर का प्रवेश निःशुल्क है और यह प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन और शांति नगर बस स्टॉप से मंदिर तक पहुंचना आसान है।
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भक्तों के लिए यह मंदिर मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है, जिससे उनके जीवन में सुधार हो सकता है।
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