बिहार में बुलडोजर राज पर भाकपा (माले) का विरोध
बिहार में अब सुशासन नहीं, बुलडोजर राज... दरभंगा में गरजे दीपांकर भट्टाचार्य

Image: Jagran
भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने दरभंगा में प्रेस वार्ता में बिहार की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 'बुलडोजर राज' चल रहा है, जहां गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
- 01दीपांकर भट्टाचार्य ने बिहार में भाजपा के प्रभाव को लेकर चिंता जताई और इसे 'बुलडोजर राज' कहा।
- 02उन्होंने कहा कि लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
- 03भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन बड़े कॉरपोरेट घरानों को सौंपी जा रही है।
- 04महिलाओं के खिलाफ हिंसा और न्याय की कमी पर भी चिंता व्यक्त की गई।
- 05राज्य सम्मेलन में विजेंद्र अनिल के कहानी संग्रह 'फर्ज' का लोकार्पण किया गया।
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भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने दरभंगा में आयोजित राज्य सम्मेलन के दौरान प्रेस वार्ता में बिहार की राजनीतिक स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य में 'बुलडोजर राज' चल रहा है, जहां गरीबों के घरों को तोड़ा जा रहा है और छात्रों के आंदोलनों का दमन किया जा रहा है। भट्टाचार्य ने बताया कि लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे लोकतंत्र को खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों और गरीबों के खिलाफ हैं, और बड़े कॉरपोरेट घरानों को किसानों की जमीनें सौंपने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने महिला हिंसा की घटनाओं और पीड़ितों को न्याय न मिलने की समस्या पर भी चिंता जताई। सम्मेलन में सुप्रसिद्ध जनवादी कथाकार विजेंद्र अनिल के तीसरे कहानी संग्रह 'फर्ज' का लोकार्पण भी किया गया।
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बिहार में गरीबों और किसानों के लिए सरकारी सुविधाओं में कमी आ सकती है, जिससे उनकी जीवनशैली प्रभावित होगी।
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