दिल्ली HC बार एसोसिएशन ने जिला अदालतों के क्षेत्राधिकार में वृद्धि का किया विरोध
दिल्ली HC बार एसोसिएशन ने जिला अदालतों के 20 करोड़ तक क्षेत्राधिकार बढ़ाने का किया विरोध, दायर की याचिका

Image: Jagran
दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जिला अदालतों के वित्तीय क्षेत्राधिकार को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव के खिलाफ याचिका दायर की है। उनका तर्क है कि इससे हाई कोर्ट के कार्य में बाधा आएगी और जिला अदालतों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
- 01दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने याचिका दायर की है।
- 02प्रस्तावित वृद्धि से जिला अदालतों में 20 करोड़ रुपये तक के विवादों का निपटारा होगा।
- 03डीएचसीबीए का कहना है कि इससे हाई कोर्ट के कामकाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- 04जिला अदालतों पर कॉमर्शियल मामलों का अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है।
- 05इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष होगी।
Advertisement
In-Article Ad
दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें जिला अदालतों के वित्तीय क्षेत्राधिकार को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को चुनौती दी गई है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो 20 करोड़ रुपये तक के दीवानी और वाणिज्यिक विवादों का निपटारा जिला अदालतों में होगा, जिससे हाई कोर्ट के कार्य में बाधा आ सकती है। डीएचसीबीए ने इस वृद्धि का विरोध करते हुए कहा है कि इससे हाई कोर्ट के मूल कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और जिला अदालतों पर अधिक बोझ डालने का खतरा है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष होनी है।
Advertisement
In-Article Ad
यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे दिल्ली के न्यायिक प्रणाली में बदलाव आएगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आप जिला अदालतों के क्षेत्राधिकार में वृद्धि के बारे में क्या सोचते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




