भारत को 2037 तक अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹80 लाख करोड़ का निवेश आवश्यक
भारत को 2037 तक अर्बन इंफ्रा में ₹80 लाख करोड़ निवेश की जरूरत: रिपोर्ट
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भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर, ब्रिकवर्क रेटिंग्स (BWR) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2037 तक अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग ₹80 लाख करोड़ का निवेश आवश्यक है। केंद्र सरकार का ₹1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड (UCF) इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे शहरी वित्तपोषण को प्राथमिकता दी जा रही है।
- 012036 तक शहरी क्षेत्रों का GDP में योगदान 70% तक पहुंचने का अनुमान है।
- 02UCF के तहत अगले 5 वर्षों में ₹4 ट्रिलियन निवेश जुटाने का लक्ष्य है।
- 03केन्द्र सरकार परियोजना लागत का 25% वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
- 04FY20 में म्युनिसिपल बॉन्ड की यील्ड स्प्रेड 480 से घटकर FY26 में 155 बेसिस पॉइंट्स हो गई है।
- 05UCF की 5,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट रीपेमेंट गारंटी स्कीम छोटे ULB के पहले ऋण के लिए गारंटी प्रदान करेगी।
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भारत में शहरीकरण की गति तेजी से बढ़ रही है, जिसके चलते ब्रिकवर्क रेटिंग्स (BWR) के अनुसार, 2037 तक लगभग ₹80 लाख करोड़ का अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश आवश्यक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2036 तक शहरी क्षेत्रों का देश की GDP में योगदान 70% तक पहुंच सकता है। इस निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने ₹1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड (UCF) शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक अनुदान आधारित मॉडल की जगह बाजार-आधारित वित्तपोषण को बढ़ावा देना है। UCF के तहत, अगले पांच वर्षों में लगभग ₹4 ट्रिलियन का निवेश जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। स्थानीय शहरी निकायों को परियोजना लागत का कम से कम 50% हिस्सा बाजार से जुटाना होगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि टियर II और III शहरों में म्युनिसिपल बॉन्ड मार्केट में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवेश की क्षमता को उजागर किया जा सकता है।
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इस निवेश से शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार होगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
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