घाटकोपर में जैन मुनियों के स्वागत के लिए सफेद लाइन पर विवाद
मुंबई: चातुर्मास में भिक्षुओं के लिए बना सफेद लाइन को लेकर विवाद

Image: Aaj Tak
मुंबई के घाटकोपर में जैन मुनियों के स्वागत के लिए फुटपाथ पर खींची गई सफेद लाइन को लेकर जैन समुदाय और स्थानीय लोगों के बीच तनाव बढ़ गया है। जैन समुदाय का कहना है कि उन्होंने अनुमति ली थी, जबकि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रसाद वेदपाठक ने इसे हटाने की मांग की है।
- 01जैन समुदाय ने कैलास एवेन्यू हाउसिंग सोसायटी की कमेटी से अनुमति लेकर सफेद लाइन खींची थी।
- 02सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रसाद वेदपाठक ने इस लाइन को स्थायी और गलत बताया है।
- 03जैन समुदाय ने कहा कि यह लाइन हर साल मानसून में खींची जाती है।
- 04प्रसाद वेदपाठक का दावा है कि उनके परिवार के पास उस जमीन का मालिकाना हक है।
- 05जैन समुदाय ने कहा कि अगर कोई समस्या है, तो वे लाइन हटा देंगे।
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मुंबई के घाटकोपर में जैन मुनियों के स्वागत के लिए फुटपाथ पर खींची गई सफेद लाइन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। जैन समुदाय का कहना है कि उन्होंने कैलास एवेन्यू हाउसिंग सोसायटी की कमेटी से अनुमति लेकर यह लाइन खींची थी, जो जैन संतों के पैदल चलने के लिए अस्थायी रूप से बनाई गई है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रसाद वेदपाठक ने इस लाइन के खिलाफ आवाज उठाई है, उनका कहना है कि यह लाइन स्थायी है और सार्वजनिक स्थान पर खींचना गलत है। उन्होंने प्रशासन से इसे तुरंत हटाने की मांग की है। जैन समुदाय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रथा हर साल मानसून में की जाती है, और यदि किसी को इससे समस्या है, तो वे इसे हटा देंगे। विवाद के बीच, जैन समुदाय यह समझने में असमर्थ है कि एक छोटी सी लाइन किसी के लिए परेशानी का कारण कैसे बन सकती है।
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इस विवाद से घाटकोपर क्षेत्र में जैन समुदाय और स्थानीय निवासियों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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