भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रैक-2 कूटनीति: संघर्ष प्रबंधन पर जोर
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान में 3 बार सीक्रेट बैठक, ट्रैक-2 डिप्लोमेसी के जरिए क्या हो रहा? जानें
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई से अब तक तीन राउंड की ट्रैक-2 बैठकें हुई हैं। इन बैठकों का मुख्य फोकस 'संघर्ष प्रबंधन' पर है, जबकि विवाद समाधान की चर्चा कम हुई है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस साल और बैठकें होने की संभावना है।
- 01ट्रैक-2 कूटनीति में अब विवाद समाधान की बजाय संघर्ष प्रबंधन पर चर्चा हो रही है।
- 02पाकिस्तान सेना ने ट्रैक-2 प्रक्रियाओं पर अधिक औपचारिक नियंत्रण स्थापित किया है।
- 03हालिया बैठकें कतर, मस्कट और भारत के पूर्वी राजधानी में हुई हैं।
- 04ट्रैक-2 बैठकों का उद्देश्य टकराव को संभालना और बढ़ने से रोकना है।
- 05सिंधु जल संधि जैसे मुद्दे अब एजेंडे में कम प्राथमिकता पर हैं।
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भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई के संघर्ष के बाद से तीन राउंड की ट्रैक-2 कूटनीतिक बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में 'विवाद समाधान' के बजाय 'संघर्ष प्रबंधन' पर जोर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान सेना ने ट्रैक-2 प्रक्रियाओं पर अधिक नियंत्रण कर लिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अब यह संवाद मौजूदा राजनीतिक हकीकत के दायरे में संचालित हो रहा है। हाल की बैठकों में कतर, मस्कट और भारत के पूर्वी राजधानी में चर्चा की गई है। इनमें से एक बैठक 2 फरवरी को दोहा में हुई थी, जिसमें कई विषयों पर चर्चा की गई। हालांकि, जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि जैसे मुद्दों पर ध्यान कम दिया गया है। यह बदलाव दर्शाता है कि अब दोनों देशों के बीच संवाद का उद्देश्य टकराव को संभालना और उसे बढ़ने से रोकना है।
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भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद से दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
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