भाजपा में बढ़ी बगावत: राकेश पठानिया और सांसद राजीव भारद्वाज के बीच सियासी टकराव
भाजपा में खुली बगावत! राकेश पठानिया vs सांसद राजीव भारद्वाज, अंदरूनी घमासान से मचा सियासी भूचाल

Image: Zee News
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भाजपा के नेताओं राकेश पठानिया और सांसद राजीव भारद्वाज के बीच बढ़ती बयानबाजी ने सियासी हलचल पैदा कर दी है। पठानिया ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा जताई, जबकि भारद्वाज ने अनुशासन की रक्षा की चेतावनी दी। यह विवाद पार्टी के भीतर की राजनीति को और गर्मा सकता है।
- 01राकेश पठानिया ने कहा कि टिकट कटने से उनका भाजपा से रिश्ता खत्म नहीं होता और वे पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
- 02पठानिया ने पिछले दो वर्षों में क्षेत्र में 5 करोड़ 75 लाख रुपये के विकास कार्यों का दावा किया।
- 03राजीव भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी महत्वाकांक्षाओं के कारण पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
- 04भाजपा के अनुशासन और संगठन की विचारधारा पर चलने की बात करते हुए, भारद्वाज ने चेतावनी दी कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- 05इस विवाद ने नूरपुर और फतेहपुर की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, और अब सभी की नजर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर है।
Advertisement
In-Article Ad
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भाजपा की अंदरूनी राजनीति में खुलकर बगावत सामने आई है। नूरपुर नगर परिषद चुनावों में पार्टी की हार और जिला परिषद चुनावों में अलग उम्मीदवार उतारने के बाद, पूर्व मंत्री राकेश पठानिया और कांगड़ा सांसद राजीव भारद्वाज आमने-सामने आ गए हैं। राकेश पठानिया ने पत्रकार वार्ता में खुद को भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि टिकट कटने से उनका पार्टी से रिश्ता खत्म नहीं होता। उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का दावा किया और बंद पड़ी कांगड़ा घाटी रेल सेवा को फिर से शुरू करने की मांग की। दूसरी ओर, सांसद राजीव भारद्वाज ने पार्टी अनुशासन की रक्षा की चेतावनी दी और आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी महत्वाकांक्षाओं के कारण संगठन को कमजोर कर रहे हैं। इस बयानबाजी ने नूरपुर और फतेहपुर की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, और अब सभी की नजर पार्टी संगठन और शीर्ष नेतृत्व पर है कि वे इस विवाद पर क्या कदम उठाते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस विवाद से नूरपुर और फतेहपुर क्षेत्र की राजनीति में हलचल मची है, जो स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव को बढ़ा सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भाजपा के भीतर की राजनीति में सुधार होगा?
Connecting to poll...
More about भाजपा
राजस्थान में टेंडर घोटाले के आरोप: हनुमान बेनीवाल और टीकाराम जूली ने की जांच की मांग
Nbt Navbharattimes • May 21, 2026

शुभेंदु अधिकारी का दिल्ली दौरा: पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से महत्वपूर्ण बैठकें
Jagran • May 21, 2026

Kurukshetra में पेयजल किल्लत का समाधान, नई ट्यूबवेल परियोजनाओं का शुभारंभ
Amar Ujala • May 21, 2026
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



