Jammu & Kashmir में डेलीवेजरों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, मंत्रियों के घरों का घेराव करने की दी चेतावनी
डेढ़ साल से कमेटी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे J&K डेलीवेजर बोले- 'सब्र का बांध टूटा, मंत्रियों के घरों का घेराव करेंगे'

Image: Jagran
जम्मू और कश्मीर में जल शक्ति विभाग के डेलीवेजरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया है। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे मंत्रियों के घरों का घेराव करेंगे।
- 01डेलीवेजरों ने पिछले डेढ़ साल से कमेटी रिपोर्ट का इंतजार किया है, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई है।
- 02बैठक में डेलीवेजरों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी।
- 03मुख्य मांगों में नियमितीकरण नीति, बकाया वेतन का भुगतान, और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का कार्यान्वयन शामिल हैं।
- 04बैठक में जल शक्ति विभाग के कई कर्मचारी शामिल हुए और एकजुटता का संकल्प लिया।
- 05डेलीवेजरों ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
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जम्मू और कश्मीर में जल शक्ति विभाग के डेलीवेजरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले आयोजित बैठक में, डेलीवेजरों ने सरकार की उदासीनता पर गंभीर चिंता जताई। फ्रंट के वरिष्ठ सदस्य होशियार सिंह चिब ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से डेलीवेजरों की मांगों पर विचार करने के लिए बनाई गई कमेटी की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल समय बर्बाद कर रही है और डेलीवेजरों का सब्र अब टूट रहा है। यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया, तो डेलीवेजर सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और मंत्रियों के घरों का घेराव करेंगे। डेलीवेजरों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण नीति, बकाया वेतन का भुगतान, और केंद्रीय न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का कार्यान्वयन शामिल हैं। बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया और संघर्ष करने का संकल्प लिया।
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डेलीवेजरों की मांगों के पूरा न होने पर जल शक्ति विभाग के कार्यों में बाधा आ सकती है, जिससे आम जनता को भी परेशानी हो सकती है।
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