इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगोड़ों के रिश्तेदारों को परेशान करने पर लगाई रोक
High Court:अंग्रेजों के जमाने का हथकंडा न अपनाएं, भगोड़ों को पकड़ने के लिए रिश्तेदारों को परेशान करना बंद करें
Amar Ujala
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगोड़ों को पकड़ने के लिए उनके रिश्तेदारों को परेशान करने को अनुचित और असंवैधानिक बताया है। न्यायालय ने सेवानिवृत्त कैप्टन मंगल सिंह की याचिका पर पुलिस को उनके घर पर दबिश देने से रोका है। यह निर्णय अंग्रेजों के जमाने की प्रथा को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- 01हाईकोर्ट ने रिश्तेदारों को परेशान करने को अनुचित बताया।
- 02पुलिस को याचिका दायर करने वाले के घर पर दबिश देने से रोका गया।
- 03यह निर्णय अंग्रेजों के जमाने की प्रथा के खिलाफ है।
- 04सेवानिवृत्त कैप्टन मंगल सिंह ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
- 05संदीप तोमर, जो पंजाब में हत्या के मामले में फरार है, के कारण यह मामला उत्पन्न हुआ।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि भगोड़ों को पकड़ने के लिए उनके रिश्तेदारों को परेशान करना अनुचित और असंवैधानिक है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए सेवानिवृत्त कैप्टन मंगल सिंह की याचिका पर पुलिस को उनके घर पर दबिश देने या उन्हें परेशान करने से रोक दिया। कैप्टन मंगल सिंह ने याचिका में कहा था कि उनका बेटा संदीप तोमर पंजाब में हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया था और सजा सुनाए जाने के बाद से फरार है। इसके चलते पंजाब पुलिस की सूचना पर कानपुर पुलिस ने उनके घर में छापेमारी की और उन्हें बार-बार थाने बुलाकर प्रताड़ित किया। हाईकोर्ट का यह निर्णय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है और यह इंगित करता है कि कानून के दायरे में रहकर ही अपराधियों की तलाश की जानी चाहिए।
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यह निर्णय कानपुर नगर में पुलिस की कार्यप्रणाली को प्रभावित करेगा और नागरिकों को सुरक्षा का एहसास दिलाएगा।
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