हाईकोर्ट ने एएमयू के पूर्व शोध छात्र की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया, तुरंत रिहाई का आदेश
हाईकोर्ट से राहत: एएमयू के पूर्व शोध छात्र की गिरफ्तारी को बताया अवैध, तत्काल जेल से रिहा करने के दिया आदेश
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व शोध छात्र आसिफ इदरीस की गिरफ्तारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी न देना और नियमों का पालन न करना कानून का उल्लंघन है। उन्हें तुरंत जेल से रिहा करने का आदेश दिया गया है।
- 01हाईकोर्ट ने आसिफ इदरीस की गिरफ्तारी को अवैध माना।
- 02गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी न देने को कानून का उल्लंघन बताया।
- 03कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
- 04आसिफ को तुरंत जेल से रिहा करने का आदेश दिया गया।
- 05भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए निर्देश दिए गए।
Advertisement
In-Article Ad
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व शोध छात्र आसिफ इदरीस की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया है। उन्हें 9 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जब पुलिस ने उनके कमरे से नकली नोट, मैगजीन और कारतूस बरामद किए थे। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के ठोस कारण न बताना और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन न करना कानून का उल्लंघन है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने आसिफ की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल गिरफ्तारी मेमो पर हस्ताक्षर कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आरोपी को उसके अधिकारों और गिरफ्तारी के आधारों की लिखित प्रति देना अनिवार्य है। कोर्ट ने आसिफ को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया और संबंधित मजिस्ट्रेट को भविष्य में अधिक सतर्क रहने की हिदायत दी।
Advertisement
In-Article Ad
इस फैसले से न्यायिक प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया है, जिससे भविष्य में गलत गिरफ्तारी की घटनाएं कम हो सकेंगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि पुलिस को गिरफ्तारी में अधिक पारदर्शिता रखनी चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




