बांग्लादेश और अमेरिका के बीच रक्षा समझौतों से बढ़ेगा क्षेत्रीय तनाव
US Bangladesh: भारत के पड़ोस में तैनात होंगे अमेरिकी युद्धपोत, बांग्लादेश कर रहा डिफेंस डील, शेख हसीना की आशंका सच हुई
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
बांग्लादेश और अमेरिका के बीच रणनीतिक रक्षा समझौतों पर बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे अमेरिकी सेना को बांग्लादेश के बंदरगाहों और हवाई अड्डों तक पहुंच मिलेगी। यह भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी बढ़ेगी, जिससे चीन की गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा।
- 01बांग्लादेश और अमेरिका के बीच दो महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर बातचीत चल रही है।
- 02समझौतों के तहत अमेरिकी युद्धपोत और विमान बांग्लादेश के बंदरगाहों का उपयोग कर सकेंगे।
- 03भारत के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।
- 04चीन के लिए यह घटनाक्रम उसकी रणनीति को कमजोर कर सकता है।
- 05बांग्लादेश को अमेरिका से कपड़ों पर रियायती टैरिफ मिलने की संभावना है।
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बांग्लादेश और अमेरिका के बीच रणनीतिक रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन समझौतों के तहत अमेरिकी सेना को बांग्लादेश के बंदरगाहों और हवाई अड्डों तक पहुंच मिलेगी, जिससे अमेरिकी जंगी जहाज और विमान रखरखाव, ईंधन भरने और री-सप्लाई के लिए इनका उपयोग कर सकेंगे। यह कदम भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे बंगाल की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की उपस्थिति बढ़ेगी। इसके अलावा, अमेरिका बांग्लादेश को उसके कपड़ों पर 19% की रियायती टैरिफ दर की पेशकश करेगा, जिससे ढाका का भू-राजनीतिक झुकाव बदल सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरोप लगाया था कि अमेरिका बंगाल की खाड़ी में सैन्य अड्डा बनाने के लिए दबाव डाल रहा था, लेकिन अमेरिका ने इन दावों को खारिज किया है। इस घटनाक्रम का चीन पर भी प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि यह उसकी मलक्का जलडमरूमध्य को बाईपास करने की रणनीति को कमजोर करेगा।
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यह समझौता बांग्लादेश के लिए आर्थिक लाभ ला सकता है, लेकिन भारत और चीन के लिए सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकता है।
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