आगरा में वृद्धाश्रम ने 13 बुजुर्गों को दी नई जिंदगी
UP: जिन्हें अपने बोझ समझ बैठे, उन्हें वृद्धाश्रम ने लगाया गले; एक सप्ताह में 13 बुजुर्गों को मिली शरण
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
आगरा, उत्तर प्रदेश में एक वृद्धाश्रम ने 13 बुजुर्गों को शरण दी है, जो समाज में बोझ समझे जाते थे। आश्रम के सदस्यों का मानना है कि बुजुर्गों को आत्मीयता और सम्मान की आवश्यकता है। यह कदम समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
- 0113 बुजुर्गों को आगरा के वृद्धाश्रम में शरण मिली।
- 02आश्रय में बुजुर्गों को सम्मान और आत्मीयता का अनुभव हुआ।
- 03आश्रय के अध्यक्ष ने समाज से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की अपील की।
- 04बुजुर्गों को रोटी से ज्यादा सम्मान की आवश्यकता है।
- 05समाज में बुजुर्गों को बोझ समझने की सोच को बदलने की जरूरत है।
Advertisement
In-Article Ad
आगरा, उत्तर प्रदेश में एक वृद्धाश्रम ने 13 बुजुर्गों को शरण दी है, जिनमें रामबाग, दयालबाग, एत्मादपुर, और अन्य क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। आश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा और अन्य सदस्यों ने इन बुजुर्गों का स्वागत किया। बुजुर्गों का कहना है कि यहां आने के बाद उन्हें पहली बार इंसानियत का एहसास हुआ। आश्रम के मुख्य संरक्षक राजकुमार जैन ने बताया कि बुजुर्गों को रोटी से ज्यादा आत्मीयता और सम्मान की आवश्यकता है। उन्होंने समाज से अपील की कि बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाई जाए, क्योंकि आज जिन्हें हम बोझ समझते हैं, कल हमें भी उसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
यह पहल समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करेगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि समाज को बुजुर्गों के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




