बिहार कृषि विभाग ने नकली कीटनाशकों की बिक्री पर कड़ी निगरानी शुरू की
नकली और अपंजीकृत कीटनाशक न खरीदें किसान, डिजिटल प्लेटफार्मों पर हो रही बिक्री पर कृषि विभाग सख्त

Image: Zee News
बिहार के कृषि विभाग ने किसानों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए नकली और अपंजीकृत कीटनाशकों की बिक्री पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और सोशल मीडिया पर इन उत्पादों के प्रचार पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
- 01बिहार के कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने नकली कीटनाशकों की बिक्री को गंभीर चिंता का विषय बताया है।
- 02कृषि विभाग ने केवल पंजीकृत कीटनाशकों की बिक्री की अनुमति दी है, जो कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत पंजीकृत हैं।
- 03किसानों को अपंजीकृत कीटनाशकों के उपयोग से फसल, भूमि की उर्वरता, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है।
- 04ई-कॉमर्स कंपनियों और सोशल मीडिया संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल वैध कीटनाशकों का प्रचार करें।
- 05किसानों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से कीटनाशक खरीदें और संदिग्ध उत्पादों की सूचना तुरंत दें।
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बिहार के कृषि विभाग ने नकली, संदिग्ध और अपंजीकृत कीटनाशकों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया है। कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने बताया कि विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों, सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से इन कीटनाशकों का अवैध प्रचार किया जा रहा है, जो किसानों, उपभोक्ताओं और पर्यावरण के लिए खतरा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन कीटनाशकों की बिक्री की अनुमति है जो कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत पंजीकृत हैं। अपंजीकृत कीटनाशकों का उपयोग फसलों, भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सभी ई-कॉमर्स कंपनियों और डिजिटल विपणन प्लेटफार्मों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल पंजीकृत कीटनाशकों का प्रचार करें। किसानों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से कीटनाशक खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत विभाग को दें।
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नकली कीटनाशकों की बिक्री पर रोक से किसानों की फसल और स्वास्थ्य की सुरक्षा होगी।
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