पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि: नुकसान और संभावित बढ़ोतरी की स्थिति
Petrol-Diesel Price: पेट्रोल-डीजल में बढ़ोतरी तो झांकी है, असली पिक्चर अभी बाकी है! हर लीटर पर हो रहा ₹39 का नुकसान
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
पश्चिम एशिया में संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे भारतीय सरकारी तेल कंपनियों को हर लीटर पेट्रोल पर ₹39 और डीजल पर ₹11 का नुकसान हो रहा है। हाल ही में कीमतों में ₹3 की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन यह नुकसान की भरपाई के लिए अपर्याप्त है।
- 01कच्चे तेल की कीमतें पिछले ढाई महीने में 50% बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं।
- 02पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में ₹3 की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन इससे नुकसान की भरपाई नहीं हो रही।
- 03पेट्रोल पर हर लीटर ₹11 और डीजल पर ₹39 का नुकसान हो रहा है।
- 04सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर का अप्रत्याशित लाभ कर लगाया है।
- 05ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.35% बढ़कर 109.3 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई।
Advertisement
In-Article Ad
पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें पिछले ढाई महीने में 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे भारतीय सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हाल ही में, सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 की बढ़ोतरी की है, जो कि चार साल में पहली बार है। हालांकि, इस वृद्धि से तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान की भरपाई नहीं हो रही है। वर्तमान में, पेट्रोल पर ₹11 और डीजल पर ₹39 का नुकसान हो रहा है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 50% की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर का अप्रत्याशित लाभ कर लगाया है। इस बीच, ब्रेंट क्रूड की कीमत 109.3 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई।
Advertisement
In-Article Ad
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से आम लोगों पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे परिवहन लागत और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




