चिप्स का सेवन: दिमागी स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर, अध्ययन में खुलासा
चिप्स खाने वालों सावधान! रोज की ये आदत दिमाग पर डाल सकती है असर, भूलने की बीमारी का खतरा, स्टडी ने चौंकाया
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हालिया अध्ययन के अनुसार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स जैसे चिप्स का नियमित सेवन दिमागी स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। यह याददाश्त कमजोर करने और डिमेंशिया का खतरा बढ़ाने का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड की मात्रा कम करना जरूरी है।
- 01अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स दिमागी स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं।
- 02रोजाना 10% जंक फूड का सेवन डिमेंशिया का खतरा बढ़ा सकता है।
- 03चिप्स और अन्य स्नैक्स में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है।
- 04सिर्फ फल-सब्जियां खाना ही पर्याप्त नहीं है, जंक फूड की मात्रा भी कम करनी चाहिए।
- 05छोटे-छोटे बदलाव दिमाग और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
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हाल ही में मोनाश यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गई एक स्टडी में पाया गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स, जैसे चिप्स और इंस्टेंट नूडल्स, दिमाग की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों की डाइट में ऐसे फूड्स की मात्रा अधिक होती है, उनमें याददाश्त कमजोर होने और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई का खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी व्यक्ति की डाइट में रोजाना 10% अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स शामिल होते हैं, तो डिमेंशिया का खतरा भी बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसे फूड्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिससे दिमागी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि केवल फल और सब्जियां खाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जंक फूड की मात्रा को भी कम करना आवश्यक है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि चिप्स की जगह स्वस्थ विकल्प जैसे फल और ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए।
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यदि लोग जंक फूड का सेवन कम करते हैं, तो यह उनके दिमागी स्वास्थ्य में सुधार ला सकता है।
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