टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन पर मजदूरों का नया मोर्चा तैयार
टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन: आशा के अनुरूप समझौता नहीं हुआ तो यूनियन में बनेगा तीसरा मोर्चा!
Jagran
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टाटा वर्कर्स यूनियन ने मजदूर दिवस पर बैठक में कहा कि यदि टाटा स्टील के कर्मचारियों का ग्रेड रिवीजन समझौता उम्मीदों के अनुसार नहीं हुआ, तो यूनियन में तीसरे मोर्चे का गठन किया जाएगा। लगभग 10,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता 1 जनवरी 2025 से लंबित है।
- 01टाटा स्टील के कर्मचारियों का ग्रेड रिवीजन समझौता उम्मीदों के अनुसार नहीं होने पर तीसरे मोर्चे का गठन होगा।
- 0210,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता 1 जनवरी 2025 से लंबित है।
- 03असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन 30,000 रुपये की मांग की गई।
- 04कार्य अवधि को 8 घंटे तक सीमित करने की मांग की गई।
- 05नए श्रम कानूनों को वापस लेने की अपील की गई।
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जमशेदपुर में टाटा वर्कर्स यूनियन ने मजदूर दिवस के अवसर पर बैठक की, जिसमें सहायक सचिव नितेश राज ने घोषणा की कि यदि टाटा स्टील के कर्मचारियों का ग्रेड रिवीजन समझौता उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, तो यूनियन के भीतर तीसरे मोर्चे का गठन किया जाएगा। वर्तमान में, टाटा स्टील के लगभग 10,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता 1 जनवरी 2025 से लंबित है, और पहले ही इस प्रक्रिया में 16 महीने की देरी हो चुकी है। बैठक में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए 30,000 रुपये का न्यूनतम वेतन, कार्य अवधि को 8 घंटे तक सीमित करने, और नए श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग की गई। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों ने श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प लिया।
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यदि टाटा स्टील के कर्मचारियों का ग्रेड रिवीजन समझौता नहीं होता है, तो इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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