ईरान युद्ध से वैश्विक तेल संकट: 600 मिलियन बैरल की सप्लाई बाधित
ईरान युद्ध से 600 मिलियन बैरल तेल का नुकसान, एशिया और यूरोप हलकान, अमेरिका भी परेशान
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट से 600 मिलियन बैरल कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो गई है, जिससे वैश्विक तेल संकट पैदा हो गया है। यूरोप में जेट फ्यूल की कीमतें 100% बढ़ गई हैं, जबकि अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 47% बढ़ी है।
- 01ईरान युद्ध से 600 मिलियन बैरल कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है।
- 02यूरोप में जेट फ्यूल की कीमतें 100% बढ़ गई हैं।
- 03अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 47% बढ़ी है।
- 04महंगाई दर अमेरिका में 4% के करीब पहुंच गई है।
- 05एशिया के देशों को सबसे अधिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट से 600 मिलियन बैरल कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो गई है, जिससे वैश्विक तेल संकट उत्पन्न हो गया है। इस संकट के कारण यूरोप में जेट फ्यूल की कीमतें 100% बढ़ गई हैं और स्टॉक केवल छह हफ्ते का रह गया है, जिससे कई फ्लाइट्स कैंसिल होने की संभावना है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 47% की वृद्धि हुई है, जिससे महंगाई दर 4% के करीब पहुंच गई है। एनालिस्ट्स का मानना है कि यदि युद्ध जारी रहा, तो महंगाई में 1 से 2.5% तक की वृद्धि हो सकती है। एशिया में स्थिति सबसे गंभीर है, जहां 45% कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है।
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इस संकट के कारण आम लोगों को महंगे पेट्रोल और जेट फ्यूल का सामना करना पड़ रहा है, जिससे यात्रा की लागत बढ़ गई है और छुट्टियों की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
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