भारत में हीटस्ट्रोक के मामलों में वृद्धि, उत्तर भारत में हीटवेव का अलर्ट
देशभर में गर्मी बनी जानलेवा, 300 से ज्यादा हीटस्ट्रोक के मामले; उत्तर भारत में हीटवेव अलर्ट
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भारत में गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक के मामलों में तेजी आई है, विशेषकर आंध्र प्रदेश में जहां मार्च से मई के बीच 300 से अधिक संदिग्ध मामले दर्ज हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग ने 22 से 27 मई के बीच दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
- 01आंध्र प्रदेश में 1 मार्च से 19 मई के बीच 325 संदिग्ध हीटस्ट्रोक मामले दर्ज हुए हैं।
- 02दिल्ली और उत्तर भारत में 22 से 27 मई के बीच हीटवेव की चेतावनी दी गई है।
- 03उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस साल का सबसे अधिक तापमान है।
- 04हीटस्ट्रोक से पीड़ित मरीजों में उल्टी, चक्कर आना और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- 05पिछले साल मार्च से जून के बीच 7,000 से अधिक हीटस्ट्रोक मामले और 14 मौतें दर्ज की गई थीं।
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भारत में गर्मी के बढ़ते प्रभाव के कारण हीटस्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। आंध्र प्रदेश में 1 मार्च से 19 मई के बीच 325 संदिग्ध हीटस्ट्रोक मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक तिहाई मामले मई की शुरुआत में दर्ज किए गए। हीटस्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे उल्टी, चक्कर आना, और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने 22 से 27 मई के बीच दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश के बांदा में इस साल का सबसे अधिक तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 7,000 से अधिक हीटस्ट्रोक मामले और 14 मौतें हुई थीं। इस साल की गर्मी ने अस्पतालों में डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी बढ़ा दी है।
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गर्मी के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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