बिहार में शिक्षा मंत्री का बयान: राम-कृष्ण की संस्कृति को प्राथमिकता
बिहार में अब अकबर-बाबर नहीं, राम-कृष्ण की संस्कृति चलेगी... शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान
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बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में भगवान राम और भगवान कृष्ण की संस्कृति को शामिल किया जाएगा, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी।
- 01शिक्षा मंत्री ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद को शिक्षा में प्राथमिकता देने का वादा किया।
- 02नई शिक्षा नीति में राम और कृष्ण की संस्कृति को शामिल किया जाएगा।
- 03सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
- 04बिहार की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का लक्ष्य है।
- 05राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की संभावना बढ़ गई है।
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बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने हाल ही में शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने का बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार की नई शिक्षा नीति में अब 'राम-कृष्ण की संस्कृति' को शामिल किया जाएगा, जो भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शाएगी। इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है, जहां बीजेपी और एनडीए समर्थक इसे भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाला कदम मान रहे हैं। तिवारी ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग में भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने सामाजिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा कि
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इस नई शिक्षा नीति से छात्रों को भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी।
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