NEET पेपर लीक: नए कानून के बावजूद क्यों जारी है समस्या?
NEET पेपर लीक: नए कानून के बावजूद क्यों नहीं थमे पेपर लीक? जान लीजिए क्या है प्रावधान और सजा
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नीट (NEET) परीक्षा एक बार फिर पेपर लीक के कारण रद्द की गई है। हाल ही में राजस्थान में लीक की घटना ने नए कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। 2024 में लागू किए गए कानून में पेपर लीक के लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन क्या यह प्रभावी साबित हो रहा है?
- 01नीट परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसमें 22.80 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।
- 02राजस्थान में पेपर लीक की घटना के बाद परीक्षा को रद्द किया गया।
- 032024 में लागू The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Bill, 2024 में पेपर लीक के लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
- 04नए कानून के तहत दोषियों को न्यूनतम 5 साल और अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है।
- 05कानून में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
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नीट (NEET) परीक्षा, जो 3 मई 2024 को आयोजित की गई थी, को पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया है। इस परीक्षा में 22.80 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। राजस्थान में पेपर लीक की घटना के बाद, नए कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। 2024 में पेश किए गए The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Bill, 2024 के तहत पेपर लीक को संगठित अपराध माना गया है, जिसमें दोषियों को 5 से 10 साल की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। हालांकि, हालिया घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्या यह कानून अपने उद्देश्य में सफल हो रहा है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या अब दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सकेगी।
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परीक्षा रद्द होने से छात्रों को मानसिक तनाव और भविष्य की योजनाओं में बाधा का सामना करना पड़ सकता है।
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