भारत ने युगांडा को भेजी मेडिकल सहायता, इबोला संकट में बढ़ाया हाथ
इबोला संकट में युगांडा के साथ खड़ा भारत, IAF ने पहुंचाई बड़ी मेडिकल सहायता

Image: News 18 Hindi
भारत ने युगांडा में इबोला वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा सामग्री भेजी है। भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर-III विमान 2 जून 2026 को नई दिल्ली से रवाना हुआ। यह सहायता युगांडा की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद करेगी।
- 01IAF का सी-17 ग्लोबमास्टर-III विमान 2 जून 2026 को नई दिल्ली से युगांडा के लिए रवाना हुआ।
- 02युगांडा और डीआर कांगो में इबोला के 134 पुष्ट मामले और 223 मौतें दर्ज की गई हैं।
- 03इबोला वायरस जंगली जानवरों से इंसानों में फैलता है और इसकी मृत्यु दर लगभग 50% है।
- 04IAF का यह अभियान मानवीय सहायता में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाता है।
- 05इबोला के पिछले प्रकोपों में 2014 से 2016 के बीच पश्चिमी अफ्रीका में सबसे बड़ा प्रकोप देखा गया था।
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भारत ने युगांडा में इबोला वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा सहायता भेजी है। भारतीय वायुसेना (IAF) का सी-17 ग्लोबमास्टर-III विमान 2 जून 2026 को नई दिल्ली से आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सामग्री लेकर युगांडा रवाना हुआ। यह सहायता युगांडा की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद करेगी, खासकर जब युगांडा और पड़ोसी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला संक्रमण की स्थिति गंभीर हो गई है। 27 मई तक डीआर कांगो में 906 संदिग्ध मामले और 223 मौतें दर्ज की गई हैं। इबोला एक गंभीर बीमारी है, जो इंसानों और प्राइमेट्स को प्रभावित करती है और इसका संक्रमण जंगली जानवरों से फैलता है। IAF का यह मिशन मानवीय संकट के समय त्वरित सहायता पहुंचाने की क्षमता को दर्शाता है।
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युगांडा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भारत की सहायता महत्वपूर्ण है, जिससे इबोला वायरस के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकेगा।
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