तेल की कमी से बढ़ सकती हैं कीमतें, विशेषज्ञों की चेतावनी
'तेल खरीद नहीं पाएंगे लोग', ऑयल कंपनियों की वॉर्निंग से हड़कंप

Image: Aaj Tak
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तेल भंडार तेजी से घट रहा है, जिससे आने वाले समय में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। जेपी मॉर्गन और शेवरॉन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो लोग तेल खरीदने में असमर्थ हो सकते हैं।
- 01जेपी मॉर्गन के अनुसार, वैश्विक तेल भंडार 8.4 अरब बैरल में से केवल 0.8 अरब बैरल ही उपयोग के लिए उपलब्ध है।
- 02शेवरॉन के CEO माइक वर्थ ने कहा कि अगले दो महीनों में तेल की कीमतें बढ़ने की संभावना है।
- 03संघर्ष खत्म होने पर भी होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सामान्य आवाजाही अगले साल से पहले बहाल नहीं हो सकेगी।
- 04Exxon के उपाध्यक्ष नील चैपमैन ने चेतावनी दी कि कच्चे तेल के भंडार बेहद कम हो रहे हैं, जिससे कीमतें 150 से 160 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
- 05यदि स्थिति बनी रही, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जा सकती है।
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अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन और तेल कंपनियों के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तेल भंडार तेजी से घट रहा है, जिससे आने वाले समय में तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। जेपी मॉर्गन के विश्लेषण में कहा गया है कि 2026 की शुरुआत में उपलब्ध तेल भंडार में से केवल 0.8 अरब बैरल ही उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगा। शेवरॉन के CEO माइक वर्थ ने कहा कि अगले दो महीनों में तेल की कीमतें बढ़ने की संभावना है, जबकि Exxon के उपाध्यक्ष नील चैपमैन ने चेतावनी दी कि कच्चे तेल के भंडार अत्यधिक कम हो रहे हैं। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो लोग तेल खरीदने में असमर्थ हो सकते हैं। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आवाजाही अगले साल से पहले सामान्य होने की संभावना नहीं है। इस संकट के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ सकती है।
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यदि तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो यह आम जनता और व्यवसायों पर आर्थिक दबाव डालेगा।
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