भारत और ब्रिटेन के संबंधों में नई ऊंचाई: व्यापार और रक्षा समझौतों की संभावना
रक्षा उद्योग और व्यापार समझौते से भारत-ब्रिटेन संबंधों को मिलेगी नई ऊंचाई: जयशंकर
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Image: Jagran
भारत और ब्रिटेन के विदेश मंत्री एस जयशंकर और वेट्टि कूपर ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए व्यापार और रक्षा उद्योगों के विकास पर चर्चा की। यह सहयोग आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा और दोनों देशों के लिए आर्थिक सुरक्षा में वृद्धि करेगा।
- 01भारत और ब्रिटेन के द्विपक्षीय संबंधों में हाल के महीनों में उल्लेखनीय मजबूती आई है।
- 02प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुलाई 2025 में ब्रिटेन यात्रा और ब्रिटिश प्रधानमंत्री की अक्टूबर 2025 में भारत यात्रा को महत्वपूर्ण माना गया।
- 03व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा।
- 04ब्रिटिश विदेश मंत्री ने हाल ही में हुए व्यापार समझौते को आर्थिक विकास की धुरी बताया।
- 05भारत में लिवरपूल विश्वविद्यालय का नया परिसर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
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भारत और ब्रिटेन के विदेश मंत्री एस जयशंकर और वेट्टि कूपर ने नई दिल्ली में मुलाकात की, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार और रक्षा उद्योगों के विकास पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि हाल के महीनों में द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय मजबूती आई है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुलाई 2025 में ब्रिटेन यात्रा और ब्रिटिश प्रधानमंत्री की अक्टूबर 2025 में भारत यात्रा के बाद संभव हुआ है। यह व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा, जिससे व्यापार, ऊर्जा, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय विकास होगा। कूपर ने इस सहयोग को दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने का एक कदम बताया। इसके अलावा, उन्होंने दुर्लभ खनिजों की वैश्विक स्थिति पर नजर रखने वाली संस्था की स्थापना की भी जानकारी दी।
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भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग से स्थानीय उद्योगों को लाभ होगा।
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