मोटापे और अल्जाइमर के बीच संबंध पर नई शोध में खुलासा
मोटापे से बढ़ सकता है अल्जाइमर का रिस्क, नई स्टडी में हुआ खुलासा

Image: Zee News
एक नई अध्ययन में पाया गया है कि मोटापा अल्जाइमर रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। शोध में बताया गया है कि शरीर में चर्बी के मॉलिक्यूल्स दिमाग तक पहुंचकर अल्जाइमर के विकास को तेज कर सकते हैं।
- 01अल्जाइमर रोग दिमाग की एक गंभीर बीमारी है जो डिमेंशिया का कारण बन सकती है।
- 02शोध में बताया गया है कि मोटापे से दिमाग के कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- 03Phosphatidylethanolamines (PEs) मॉलिक्यूल्स मोटापे के कारण बढ़ जाते हैं और अल्जाइमर के जोखिम को बढ़ाते हैं।
- 04मोटापा कम करने से दिमाग में फैट से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं।
- 05स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम मोटापा कम करने में मदद कर सकते हैं।
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एक नई अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि मोटापा अल्जाइमर रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। Molecular Neurodegeneration जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, मोटापे के कारण शरीर में जमा चर्बी के मॉलिक्यूल्स दिमाग तक पहुंचकर अल्जाइमर के विकास को तेज कर सकते हैं। शोधकर्ताओं डॉक्टर स्टीफन वोंग और डॉक्टर ली यांग के अनुसार, मोटापे से शरीर के फैट टिश्यूज में बदलाव होते हैं, जो दिमाग के कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। विशेष रूप से, Phosphatidylethanolamines (PEs) नामक मॉलिक्यूल्स मोटापे के कारण बढ़ जाते हैं, जिससे दिमाग की इम्यून डिफेंस प्रणाली को नुकसान पहुंच सकता है। इससे याददाश्त और सोचने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए, मोटापे को कम करने के लिए स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम की सलाह दी गई है।
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मोटापे की समस्या को कम करने से अल्जाइमर रोग का जोखिम घट सकता है, जिससे लोगों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
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