हिमाचल प्रदेश की हिमकेयर योजना में बदलाव: बीमा मॉडल अपनाने की तैयारी
हिमाचल में हिमकेयर योजना का बदलेगा स्वरूप, अब बीमा मॉडल पर चलेगी स्कीम; कवर बढ़कर होगा 7 से 10 लाख
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हिमाचल प्रदेश की हिमकेयर योजना अब बीमा मॉडल पर संचालित होगी, जिसमें बीमा कवर बढ़कर 7 से 10 लाख रुपये होगा। योजना में बीमा कंपनियों को निविदाओं के माध्यम से जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे वित्तीय देनदारियों का समाधान किया जाएगा।
- 01हिमकेयर योजना अब बीमा मॉडल पर चलेगी, बीमा कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
- 02बीमा कवर राशि 5 लाख रुपये से बढ़कर 7 से 10 लाख रुपये होगी।
- 03वर्तमान में योजना पर लगभग 400 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है।
- 04160 अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें निजी अस्पताल भी शामिल हैं।
- 05हिमकेयर में लगभग 4.50 लाख परिवार और 13 लाख लोग पंजीकृत हैं।
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हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना का स्वरूप अब बीमा मॉडल पर बदलने जा रहा है। इस बदलाव के तहत बीमा कंपनियों को निविदाओं के माध्यम से योजना चलाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। योजना में बीमा कवर राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 से 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है। वर्तमान में, हिमकेयर योजना के तहत सरकार अस्पतालों को सीधे भुगतान करती थी, जिसके कारण लगभग 400 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारी जमा हो गई है। इसमें से 100 करोड़ रुपये की देनदारी निजी अस्पतालों की है। प्रदेश में 160 अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें डायलिसिस जैसी सेवाएँ भी शामिल हैं। हिमकेयर योजना के तहत 3200 प्रकार के उपचार के लिए 5 लाख रुपये के बीमा कवर का प्रविधान है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सहारा योजना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को संशोधित किया गया है, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा।
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हिमकेयर योजना का बीमा मॉडल अपनाने से वित्तीय देनदारियों का समाधान होगा और अधिक परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलेंगी।
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