दिल्ली में निर्माण स्थलों पर हाई-डेनसिटी जाली का अनिवार्य उपयोग
दिल्ली में निर्माण स्थलों पर अब अनिवार्य होगी हाई-डेनसिटी जाली
Aaj Tak
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दिल्ली सरकार ने निर्माण स्थलों पर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हाई-डेनसिटी धूल रोकने वाली जालियों के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य PM2.5 और PM10 जैसे खतरनाक कणों के फैलाव को रोकना है। सभी प्रोजेक्ट मालिकों को तुरंत नए नियमों का पालन करना होगा।
- 01दिल्ली में निर्माण स्थलों पर हाई-डेनसिटी जालियों का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
- 02जालियों की मोटाई कम से कम 100 GSM होनी चाहिए।
- 03यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया गया है।
- 04दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने सभी बड़ी एजेंसियों को निर्देश दिए हैं।
- 05डिजिटल निगरानी के लिए 'डस्ट पोर्टल 2.0' की शुरुआत की जाएगी।
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दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों को सख्त किया है। अब सभी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर हाई-डेनसिटी धूल रोकने वाली जालियां लगाना अनिवार्य होगा, जिनकी मोटाई कम से कम 100 GSM होनी चाहिए। यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों के अनुसार उठाया गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह निर्णय प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को अधिक प्रभावी और मापने योग्य बनाएगा। इसके साथ ही, सरकार 'डस्ट पोर्टल 2.0' नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू कर रही है, जिससे निर्माण स्थलों की निगरानी और नियमों के पालन की जांच करना आसान होगा।
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इस निर्णय से दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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