धनबाद के मंदिरों में डिजिटल दान प्रणाली से श्रद्धालुओं को मिली सहूलियत
अब पर्स नहीं, मोबाइल निकालिए; धनबाद के मंदिरों में एक क्लिक पर लग रहा ठाकुरजी को भोग
Jagran-1780930803188.webp&w=1200&q=75)
Image: Jagran
धनबाद के मंदिरों में अब भक्त डिजिटल माध्यमों से भगवान को भोग अर्पित कर सकते हैं। यूपीआई आधारित क्यूआर कोड के माध्यम से दान और पूजा की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और श्रद्धालुओं को नकद ले जाने की आवश्यकता नहीं है।
- 01धनबाद के प्रमुख मंदिरों में यूपीआई आधारित क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू की गई है।
- 02डिजिटल दान से पारदर्शिता में वृद्धि हुई है और आय-व्यय का लेखा-जोखा सुरक्षित रहता है।
- 03श्रद्धालु अब मोबाइल से स्कैन कर सीधे दान कर सकते हैं, जिससे नकद ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
- 04रामकृष्ण विवेकानंद स्वाध्याय सेवा ट्रस्ट में भी ऑनलाइन दान की प्रक्रिया बढ़ी है।
- 05व्यक्तिगत पुजारी भी अब डिजिटल माध्यमों से दक्षिणा स्वीकार कर रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
धनबाद के धार्मिक स्थलों में तकनीक का समावेश तेजी से बढ़ रहा है, जहां भक्त अब डिजिटल माध्यमों से भगवान को भोग अर्पित कर सकते हैं। शक्ति मंदिर, बरमसिया शनि महराज मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों में यूपीआई आधारित क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से भक्त सीधे ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं, जिससे उन्हें नकद राशि ले जाने की आवश्यकता नहीं है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि डिजिटल दान से पारदर्शिता में वृद्धि हुई है और आय-व्यय का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। श्रद्धालु अब माता का भोग लगाने के लिए या विशेष पूजा की रसीद कटवाने के लिए मोबाइल से स्कैन कर सीधे दान कर सकते हैं। रामकृष्ण विवेकानंद स्वाध्याय सेवा ट्रस्ट के सचिव ने बताया कि अधिकतर दान ऑनलाइन ही प्राप्त होते हैं। इसके अलावा, व्यक्तिगत पुजारी भी अब डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे दान देने की प्रक्रिया और भी सरल हो गई है।
Advertisement
In-Article Ad
डिजिटल दान प्रणाली से श्रद्धालुओं को पूजा और दान करने में आसानी हुई है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप डिजिटल दान प्रणाली का उपयोग करेंगे?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



-1780933578428.webp&w=1200&q=75)
-1780930435302.webp&w=1200&q=75)