प्रधानमंत्री मोदी के झालमुड़ी खाने से चर्चा में आया स्ट्रीट फूड का असली सच
PM मोदी ने तो खाई झालमुड़ी, पर क्या इसे बेचकर चलता है घर?
Aaj Tak
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खाए गए झालमुड़ी ने इसे चर्चा का विषय बना दिया है। नोएडा में एक दुकानदार प्रह्लाद ने बताया कि यह व्यवसाय शुरू करना आसान है, लेकिन महंगाई के कारण परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
- 01प्रधानमंत्री मोदी के झालमुड़ी खाने से स्ट्रीट फूड की लोकप्रियता बढ़ी है।
- 02प्रह्लाद, जो 18 साल से भेलपूरी बेच रहे हैं, हर महीने ₹15,000-20,000 कमाते हैं।
- 03महंगाई के कारण परिवार का गुजारा करना कठिन हो रहा है।
- 04बारिश के मौसम में झालमुड़ी की बिक्री सबसे अधिक होती है।
- 05प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से दुकानदारों को नुकसान होता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दौरे के दौरान खाए गए झालमुड़ी ने इसे एक चर्चा का विषय बना दिया है। नोएडा में 18 साल से भेलपूरी बेचने वाले प्रह्लाद ने बताया कि इस व्यवसाय को शुरू करना आसान है, लेकिन महंगाई के चलते अपने परिवार का गुजारा करना बहुत मुश्किल है। प्रह्लाद हर महीने लगभग ₹15,000 से ₹20,000 तक कमाते हैं, जो कि उनके परिवार के पांच सदस्यों के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में झालमुड़ी की बिक्री में वृद्धि होती है। हालांकि, प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई के कारण कई बार उनका ठेला जब्त किया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है।
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यह कहानी दिखाती है कि कैसे स्ट्रीट फूड विक्रेता महंगाई के बीच अपने परिवार का गुजारा करते हैं।
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