2026 की पहली तिमाही में रियल एस्टेट में ₹18,000 करोड़ के सौदों की वृद्धि
बिल्डरों का इस साल भी जमीन पर दांव, Q1 में ₹18,000 करोड़ के सौदे; टियर-1 शहरों का दबदबा
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भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में 2026 की पहली तिमाही में लगभग 900 एकड़ जमीन के सौदों का मूल्य ₹18,000 करोड़ आंका गया है। टियर-1 शहरों में निवेश का दबदबा बना हुआ है, जबकि टियर-2 और टियर-3 शहर भी तेजी से उभर रहे हैं। आवासीय परियोजनाओं के लिए कुल निर्माण लागत ₹72,000 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।
- 012026 की पहली तिमाही में 900 एकड़ जमीन के सौदों का मूल्य ₹18,000 करोड़
- 02टियर-1 शहरों में रियल एस्टेट निवेश का 89% हिस्सा
- 03आवासीय परियोजनाओं के लिए ₹72,000 करोड़ से अधिक की निर्माण लागत
- 04टियर-2 और टियर-3 शहरों में 1,475 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
- 0565% सौदों में व्यक्तिगत भू-स्वामियों की हिस्सेदारी
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भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में 2026 की पहली तिमाही में लगभग 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ, जिसकी कुल कीमत ₹18,000 करोड़ आंकी गई है। प्रमुख बाजारों में यह सौदों की लगातार बढ़ती रफ्तार को दर्शाता है। जेएलएल इंडिया के अनुसार, टियर-1 शहरों में निवेश का 89% हिस्सा है, जबकि टियर-2 और टियर-3 शहर भी तेजी से उभर रहे हैं। आवासीय परियोजनाएं इस क्षेत्र का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनी हुई हैं, जिसमें कुल निर्माण लागत ₹72,000 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। व्यक्तिगत भू-स्वामियों की हिस्सेदारी 65% रही, जो भूमि स्वामित्व के बिखरे स्वरूप को दर्शाता है। इस वर्ष के दौरान, टियर-2 और टियर-3 शहरों में 1,475 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है, हालांकि इनकी हिस्सेदारी कुल निर्माण लागत में केवल 11% है।
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यह रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ती मांग और निवेश के संकेत देता है, जो आवासीय विकास को गति प्रदान करेगा।
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