भारत के आयात बिल में कमी के उपाय: सोना, पेट्रोलियम और इलेक्ट्रानिक्स पर ध्यान
सिर्फ सोना और पेट्रोलियम ही नहीं ये प्रोडक्ट भी बढ़ाते थे एक्सपोर्ट बिल, कैसे होगी विदेशी मुद्रा की बचत?
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भारत में विदेशी मुद्रा की बचत के लिए पेट्रोलियम, सोना, इलेक्ट्रानिक्स और खाद्य तेल के आयात को कम करने की आवश्यकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल आयात 774 अरब डॉलर रहा, जिसमें इन उत्पादों की हिस्सेदारी 393 अरब डॉलर थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोने की खरीदारी टालने की अपील की है।
- 01भारत का कुल आयात 774 अरब डॉलर, जिसमें 50% हिस्सा पेट्रोलियम, सोना, इलेक्ट्रानिक्स और खाद्य तेल का है।
- 02वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात बिल 72 अरब डॉलर तक पहुँच गया है।
- 03पेट्रोलियम पदार्थों का आयात 174 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.37% कम है।
- 04चांदी के आयात में मूल्य के लिहाज से 149% की वृद्धि हुई है।
- 05इलेक्ट्रानिक्स आइटम का आयात 116 अरब डॉलर रहा, जिससे घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
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भारत में विदेशी मुद्रा की बचत के लिए पेट्रोलियम, सोना, इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद और खाद्य तेल के आयात को कम करने की आवश्यकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल आयात 774 अरब डॉलर रहा, जिसमें पेट्रोलियम पदार्थ, इलेक्ट्रानिक्स आइटम, सोना, चांदी और खाद्य तेल का हिस्सा 393 अरब डॉलर था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल की खपत को सोच-समझ कर करने और सोने की खरीदारी को एक साल तक टालने की अपील की है। इस वर्ष सोने का आयात बिल 72 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जबकि चांदी के आयात में 149% की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, इलेक्ट्रानिक्स आइटम का आयात 116 अरब डॉलर रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर आयात बिल को कम किया जा सकता है।
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यदि भारत पेट्रोलियम और सोने के आयात में कमी लाता है, तो यह विदेशी मुद्रा की बचत करेगा, जिससे आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी।
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