सोहाना गांव में नहरी पानी सप्लाई में देरी, स्थानीय लोगों में नाराजगी
Chandigarh News: सोहाना को नहरी पानी सप्लाई अटकी, गमाडा के पत्र के बावजूद नहीं पहुंचा पानी
Amar Ujala
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सोहाना गांव, मोहाली में नहरी पानी सप्लाई का मामला विवादों में है। गमाडा ने 5 फरवरी 2026 को जल सप्लाई विभाग को पत्र भेजा था, लेकिन तीन महीने बाद भी पानी नहीं पहुंचा। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम के अधिकारों पर सवाल उठाए हैं।
- 01सोहाना गांव को नहरी पानी सप्लाई में देरी हो रही है।
- 02गमाडा ने पानी की सप्लाई के लिए 5 फरवरी 2026 को पत्र जारी किया था।
- 03पानी की सप्लाई के लिए 24 इंच की पाइपलाइन का प्रस्ताव है।
- 04स्थानीय लोगों ने नगर निगम के अधिकारों पर सवाल उठाए हैं।
- 05डिप्टी मेयर ने पानी बिलों में भेदभाव की शिकायत की है।
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सोहाना गांव, मोहाली में नहरी पानी सप्लाई का मामला एक बार फिर विवादों में आ गया है। गमाडा (गुरदासपुर-मोहाली-आमदनी विकास प्राधिकरण) ने 5 फरवरी 2026 को जल सप्लाई विभाग को पत्र भेजकर सेक्टर-77 स्थित वॉटर वर्क्स से पानी देने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी। हालांकि, तीन महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक सोहाना तक पानी नहीं पहुंचा है। गमाडा ने सोहाना गांव को प्रतिदिन तीन लाख गैलन पानी सप्लाई करने की मंजूरी दी थी, जिसके लिए 24 इंच की मुख्य पाइपलाइन से 200 मिमी डायमीटर का कनेक्शन प्रस्तावित किया गया है। इस सप्लाई के लिए गमाडा ने 14.77 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से शुल्क वसूलने की शर्त रखी है, जिसमें हर साल 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-78 और सोहाना गांव नगर निगम के अधीन आते हैं, इसलिए पानी के बिल और नीतियों से जुड़े फैसले लेने का अधिकार भी नगर निगम के पास होना चाहिए। डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने पानी के बिलों में भेदभाव की शिकायत की है और पूरे शहर में एक समान नीति लागू करने की मांग की है।
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अगर पानी की सप्लाई में देरी जारी रहती है, तो स्थानीय लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी दैनिक जीवनशैली प्रभावित होगी।
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