पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि के लिए भारत से की UNSC में गुहार
सिंधु के पानी के लिए तड़प रहा पाकिस्तान! UNSC में गिड़गिड़ाया, भारत से संधि बहाल करने की मांग
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पाकिस्तान ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित करने के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में गुहार लगाई है। पाकिस्तान का कहना है कि यह निर्णय क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है और इसे तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। भारत का रुख स्पष्ट है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
- 01पाकिस्तान ने UNSC में भारत से सिंधु जल संधि बहाल करने की मांग की है।
- 02भारत ने 23 अप्रैल 2025 को संधि को अस्थायी रूप से निलंबित किया।
- 03पाकिस्तान का आरोप है कि भारत का निर्णय मानवीय संकट पैदा कर सकता है।
- 04विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने पानी को एक रणनीतिक मुद्दा बना दिया है।
- 05भारत का रुख है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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पाकिस्तान ने भारत के सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित करने के निर्णय के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में गुहार लगाई है। पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने इस संबंध में एक पत्र सौंपा, जिसमें भारत के निर्णय को 'क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा' बताया गया है। भारत ने 23 अप्रैल 2025 को यह निर्णय लिया, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद आया, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समाप्त नहीं करता, तब तक यह संधि उसी पुराने ढर्रे पर नहीं चल सकती। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने पानी को एक रणनीतिक मुद्दा बना दिया है, जो पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सीमा-पार आतंकवाद की कीमत अब उसकी जल जीवनरेखा से जुड़ सकती है।
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भारत के इस निर्णय से पाकिस्तान में जल संकट गहरा सकता है, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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