छत्तीसगढ़ सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खुली बिक्री पर लगाई रोक
पेट्रोल-डीजल की खुली बिक्री पर सख्ती, छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किए नए निर्देश
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छत्तीसगढ़ सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खुली बिक्री पर रोक लगाई है, ताकि जमाखोरी और अप्रिय स्थितियों से बचा जा सके। राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है, और किसानों व आपातकालीन सेवाओं के लिए कुछ छूट दी गई है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- 01छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की खुली बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है।
- 02राज्य में 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का सुरक्षित भंडार उपलब्ध है।
- 03किसानों को कृषि कार्यों के लिए खुले बर्तनों में डीजल लेने की अनुमति है।
- 04अस्पतालों और सरकारी निर्माण कार्यों के लिए भी आवश्यक ईंधन की आपूर्ति की जाएगी।
- 05नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल आदेश 2005 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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छत्तीसगढ़ सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की खुली बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम ईंधन की जमाखोरी और संभावित अप्रिय स्थितियों को रोकने के लिए उठाया गया है। खाद्य विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और 22 मई 2026 तक पेट्रोल के 4.35 करोड़ लीटर और डीजल के 8.15 करोड़ लीटर का सुरक्षित भंडार उपलब्ध है। आम जनता को अफवाहों पर विश्वास न करने और बेवजह ईंधन का स्टॉक जमा न करने की अपील की गई है। हालांकि, किसानों को कृषि कार्यों के लिए और आपातकालीन सेवाओं के लिए कुछ छूट दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे अवैध बिक्री को रोका जा सके।
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इस निर्णय से आम जनता को ईंधन की जमाखोरी से बचाने में मदद मिलेगी और ईंधन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
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