भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर सहमति
भारत की आधिकारिक यात्रा पर म्यांमार के राष्ट्रपति , NSA डोभाल और जयशंकर से मुलाकात के बाद पीएम मोदी से मिलाया हाथ
Image: Nbt Navbharattimes
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापार, निवेश, और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। मोदी ने म्यांमार में शांति प्रक्रिया में मदद का आश्वासन दिया।
- 01भारत और म्यांमार ने व्यापार, निवेश, और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
- 02प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार में शांति और संवाद की प्रक्रिया में मदद का आश्वासन दिया।
- 03यू मिन आंग ह्लाइंग की यह भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।
- 04भारत ने म्यांमार को संकट के समय में पहला सहयोगी बताया।
- 05राष्ट्रपति यू मिन का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलने का कार्यक्रम है।
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नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, संपर्क, विकास साझेदारी, और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार में शांति और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भारत की मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भारत म्यांमार का एक भरोसेमंद पड़ोसी है और संकट के समय में पहला सहयोगी है। यह म्यांमार राष्ट्रपति की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसमें उनके साथ उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है। राष्ट्रपति यू मिन का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का कार्यक्रम भी है।
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भारत और म्यांमार के बीच बढ़ते सहयोग से व्यापार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचा सकता है।
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