दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में आग से सुरक्षा के लिए 'स्पेशल-64' टीम का गठन
दलमा के जंगलों को आग से बचाएगी 'स्पेशल-64' की टीम, 6 बीट में तैनात किए गए फायर वाचर
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जमशेदपुर, झारखंड में दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में आग लगने के खतरे को कम करने के लिए वन विभाग ने 'स्पेशल-64' की टीम बनाई है। इस टीम में 64 प्रशिक्षित फायर वाचर शामिल हैं, जो छह रणनीतिक बीट में तैनात किए गए हैं और आग की घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देंगे।
- 01दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में आग लगने का खतरा बढ़ा है।
- 0264 फायर वाचरों की टीम को छह बीट में तैनात किया गया है।
- 03आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर आग की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
- 04स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
- 05जनभागीदारी से बड़े नुकसान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
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जमशेदपुर, झारखंड में दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में भीषण गर्मी के कारण जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। इसे ध्यान में रखते हुए, वन विभाग ने 'स्पेशल-64' नामक एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें 64 प्रशिक्षित फायर वाचर शामिल हैं। यह टीम दलमा के जंगलों को सुरक्षित रखने के लिए छह रणनीतिक बीट में तैनात की गई है, जिसमें मानगो, भादुडीह, पटमदा, नूतनडीह, दलमा (मुख्य क्षेत्र) और चाकुलिया शामिल हैं। प्रत्येक बीट में 8 फायर वाचर तैनात किए गए हैं, जो आग की घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देंगे। इस बार वन विभाग ने पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने का निर्णय लिया है, जैसे कि आधुनिक फायर ब्लोवर, जो सूखी पत्तियों और मलबे को हटाकर फायर लाइन बनाने में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वे जंगल में आग न लगाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत विभाग को सूचित करें। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।
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इस पहल से जंगलों में आग लगने की घटनाओं को कम किया जा सकेगा, जिससे वन्यजीवों और स्थानीय पर्यावरण की सुरक्षा होगी।
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