उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदर्शन तेज, अभ्यर्थियों की मांगें अनसुनी
69000 शिक्षक भर्ती: विधानसभा घेराव से फिर गरमाया मुद्दा, क्या खत्म होगा 4 साल का इंतजार?
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उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती के लिए अभ्यर्थियों ने विधानसभा का घेराव किया, जिससे राजधानी लखनऊ में हंगामा मचा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार आरक्षण नियमों का पालन नहीं कर रही है और सुप्रीम कोर्ट में मामले की उचित पैरवी नहीं कर रही है।
- 01अभ्यर्थियों ने विधानसभा का घेराव किया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- 02प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आरक्षण नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
- 032020 से यह मामला कानूनी विवाद में फंसा हुआ है।
- 04अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करे।
- 05अभ्यर्थियों ने पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन किए हैं।
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उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती का विवाद एक बार फिर से गरमाया है। बुधवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया, जिससे राजधानी की सड़कों पर भारी हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मटकी और झाड़ू के साथ अनोखे तरीके से विरोध किया, जो उनके आक्रोश को दर्शाता है। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार आरक्षण नियमों का पालन नहीं कर रही है। ओबीसी वर्ग को 27% की जगह महज 3.68% और एससी वर्ग को 21% की जगह केवल 16.2% आरक्षण दिया गया है। यह विवाद 2020 से कानूनी दांव-पेंच में फंसा हुआ है, और अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार इस मामले में प्रभावी पैरवी करे और जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र जारी करे।
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यदि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो यह नियुक्तियों में और देरी कर सकता है, जिससे कई युवा बेरोजगार रह सकते हैं।
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