भारत की हाइपरसोनिक मिसाइलें: आधुनिक युद्ध की नई तकनीक
आधुनिक 'ब्रह्मास्त्र' है हाइपरसोनिक मिसाइल, पलक झपकते ही दुश्मन का खात्मा; क्या है भारत की तैयारी?

Image: Jagran
भारत हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें 'ब्रह्मोस-II' और 'HSTDV' शामिल हैं। ये मिसाइलें ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक चल सकती हैं, जिससे मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम को चुनौती मिलती है।
- 01हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से 5 गुना अधिक (मैक 5+) की रफ्तार से उड़ती हैं।
- 02भारत ने 'ब्रह्मोस-II' और 'HSTDV' जैसी परियोजनाओं पर काम किया है।
- 03हाइपरसोनिक तकनीक विकसित करने में अत्यधिक तापमान और दबाव की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
- 04अमेरिका, चीन और रूस इस क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी हैं, जिनके पास उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं।
- 05भारत ने हाल ही में ठंडे स्क्रैमजेट कंबस्टर का सफल परीक्षण किया।
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भारत हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो आधुनिक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ये मिसाइलें ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक (मैक 5+) की रफ्तार से उड़ती हैं, जिससे मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम को चुनौती मिलती है। भारत की प्रमुख परियोजनाओं में 'ब्रह्मोस-II' और 'हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल (HSTDV)' शामिल हैं। हाल ही में, भारत ने ठंडे स्क्रैमजेट कंबस्टर का सफल परीक्षण किया। अमेरिका, चीन और रूस इस क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी हैं, जिनके पास उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं। हाइपरसोनिक हथियारों की विशेषताएं जैसे दिशा बदलने की क्षमता और रडार से बचने की क्षमता उन्हें और भी खतरनाक बनाती हैं। भारत की तैयारी इन चुनौतियों का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये तकनीक भविष्य के युद्ध में रणनीतिक बढ़त प्रदान कर सकती है।
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हाइपरसोनिक तकनीक से भारत की रक्षा क्षमता में वृद्धि होगी।
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