उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने की पहल
PM मोदी की अपील का असर, यूपी में साइकिलों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करते दिखे नेता-अफसर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील का असर उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है। सांसदों और अधिकारियों ने निजी काफिलों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन, साइकिल, और ई-रिक्शा का उपयोग करना शुरू कर दिया है। यह कदम पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए उठाया गया है।
- 01सांसदों और अधिकारियों ने निजी काफिलों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना शुरू किया।
- 02गोरखपुर में सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस रखा गया।
- 03मथुरा के डीएम ने कार-पूलिंग को अनिवार्य कर दिया है।
- 04फिरोजाबाद में 'वाहन मुक्त दिवस' घोषित किया गया है।
- 05अधिकारियों को ई-साइकिल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अब निजी काफिलों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन, साइकिल, और ई-रिक्शा का उपयोग करना शुरू कर दिया है। उदाहरण के लिए, गोरखपुर में कई सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा गया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने काफिले के वाहनों को हटा दिया है। कई सांसद और विधायक, जैसे कि रवि किशन शुक्ल और सतीश गौतम, केवल दो वाहनों के साथ यात्रा कर रहे हैं। हाथरस के सांसद अनूप वाल्मीकि ने रोडवेज बस का उपयोग किया। इसके अलावा, मथुरा के डीएम ने कार-पूलिंग को अनिवार्य किया है और आगरा तथा फिरोजाबाद में अधिकारियों के एस्कार्ट वाहन हटा दिए गए हैं। फिरोजाबाद में 'वाहन मुक्त दिवस' भी घोषित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल ईंधन की बचत करना है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा भी है।
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इस पहल से आम लोगों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे ईंधन की बचत और पर्यावरण की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
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