भारत की प्रजनन दर में गिरावट पर एलन मस्क की चिंता
भारत में आबादी की बदलती तस्वीर... एलन मस्क भी हैं हैरान और परेशान!

Image: Aaj Tak
एलन मस्क ने भारत की घटती प्रजनन दर पर चिंता जताई है, जो अब 1.9 बच्चे प्रति महिला है। यह दर रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से नीचे है, जिससे भविष्य में जनसंख्या वृद्धि में कमी और नकारात्मक जनसंख्या वृद्धि की संभावना है।
- 01भारत की कुल प्रजनन दर 1.9 बच्चे प्रति महिला हो गई है, जो रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से कम है।
- 02एलन मस्क ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
- 03यदि प्रजनन दर लंबे समय तक रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे रहती है, तो जनसंख्या वृद्धि धीमी हो सकती है।
- 04भारत की जनसंख्या में बुजुर्गों का अनुपात बढ़ सकता है, जिससे श्रमिकों की कमी और आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
- 05वर्तमान में केवल कुछ राज्य जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में प्रजनन दर रिप्लेसमेंट लेवल से ऊपर है।
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टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने भारत की घटती प्रजनन दर पर चिंता व्यक्त की है। हाल ही में जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल प्रजनन दर अब 1.9 बच्चे प्रति महिला है, जो कि रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से कम है। मस्क ने कहा कि शिक्षित वर्ग में यह दर पहले ही कई वर्षों से इस स्तर से नीचे है। जनसंख्या विशेषज्ञों के अनुसार, यदि प्रजनन दर लंबे समय तक इस स्तर से नीचे रहती है, तो जनसंख्या वृद्धि धीमी पड़ सकती है और नकारात्मक जनसंख्या वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है। इससे समाज में बुजुर्गों का अनुपात बढ़ेगा और श्रमिकों की कमी हो सकती है, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की रिपोर्ट में भी भारत की प्रजनन दर 1.9 बताई गई है, जो देश के जनसांख्यिकीय संक्रमण का संकेत है।
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भारत में घटती प्रजनन दर से जनसंख्या वृद्धि धीमी हो सकती है, जिससे बुजुर्गों का अनुपात बढ़ेगा और श्रमिकों की कमी होगी।
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