FCI के खाद्यान्न पर क्यूआर टैगिंग प्रणाली लागू होगी, निगरानी बढ़ेगी
FCI के खाद्यान्न की निगरानी बढ़ेगी, बोरियों पर 'क्यूआर टैग' लगेगा

Image: Jagran
केंद्र सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की अनाज की बोरियों पर क्यूआर टैग लगाने का निर्णय लिया है। यह प्रणाली आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में लागू होगी, जिससे खाद्यान्न की निगरानी में सुधार होगा और अनाज की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी।
- 01क्यूआर टैगिंग प्रणाली का उद्देश्य एफसीआई के खाद्यान्न की निगरानी को सुदृढ़ करना है।
- 02इस प्रणाली के तहत 20 लाख टन चावल को क्यूआर टैगिंग के दायरे में लाया जाएगा।
- 03यह पहल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में लागू की जाएगी।
- 04पायलट परियोजना के सफल परीक्षण के बाद इस योजना को बढ़ाया गया है।
- 05क्यूआर टैगिंग से अधिकारियों को खाद्यान्न की बोरियों के स्रोत का पता लगाने में मदद मिलेगी।
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केंद्र सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की अनाज की बोरियों पर क्यूआर टैग लगाने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य खाद्यान्न की निगरानी को और सुदृढ़ करना है। इस योजना के तहत, चालू मार्केटिंग सत्र में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में 20 लाख टन चावल को क्यूआर टैगिंग के दायरे में लाया जाएगा। यह कदम खाद्यान्न की आवाजाही पर निगरानी रखने और अनाज की बोरियों के पुन: उपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। आंध्र प्रदेश में दिसंबर 2025-जनवरी 2026 और पंजाब में अप्रैल-मई 2026 में सफल पायलट परियोजना के बाद इस प्रणाली को लागू किया जाएगा। क्यूआर टैगिंग से अधिकारियों को प्रत्येक बोरी के स्रोत का पता लगाने में मदद मिलेगी, जिससे वितरण प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा।
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इस पहल से खाद्यान्न की निगरानी में सुधार होगा और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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