UPSC ने CSE 2026 के लिए आंसर की जारी करने का नया नियम लागू किया
UPSC एग्जाम देते ही जारी हो जाएगी आंसर की, जानें इस नए नियम से क्या होगा फायदा?

Image: Ndtv
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत परीक्षा के तुरंत बाद 'प्रोविजनल आंसर-की' जारी की जाएगी। इससे उम्मीदवारों को अपने उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा, जिससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और परिणाम से पहले तैयारी की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
- 01UPSC अब से CSE प्रिलिम्स परीक्षा के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी करेगा।
- 02उम्मीदवार 31 मई तक आधिकारिक वेबसाइट पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
- 03आपत्ति दर्ज करने के लिए छात्रों को तीन प्रमाणिक स्रोतों के दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- 04आपत्तियों की जांच सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स द्वारा की जाएगी।
- 05इस बदलाव से छात्रों को यह जानने में मदद मिलेगी कि उन्हें मेंस की तैयारी करनी है या पुनः प्रिलिम्स पर ध्यान देना है।
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब से, परीक्षा के तुरंत बाद 'प्रोविजनल आंसर-की' जारी की जाएगी, जिससे उम्मीदवारों को अपने उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा। UPSC के चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक नई शुरुआत बताया। उम्मीदवार 31 मई तक अपनी आपत्तियाँ दर्ज कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें तीन प्रमाणिक स्रोतों के दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। इस नए नियम से छात्रों को यह जानने में मदद मिलेगी कि वे चयनित हुए हैं या नहीं, जिससे वे अपनी आगे की तैयारी की योजना बना सकेंगे। पहले, फाइनल आंसर की रिजल्ट के बाद जारी की जाती थी, जिससे छात्रों को गलतियों पर चुनौती देने का अवसर नहीं मिलता था। अब, उम्मीदवार बिना समय गंवाए मेन्स परीक्षा की तैयारी में जुट सकते हैं।
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इस नए नियम से छात्रों को परीक्षा के परिणाम से पहले अपनी तैयारी की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।
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