सुल्तानपुर क्लब: ऐतिहासिक धरोहर का जीर्णोद्धार आवश्यक
मंजर देख रो पड़ेंगे! सुल्तानपुर का वो आलीशान क्लब जहां गूंजती थी थामसन और सुभाष कुमार जैसे अफसरों की आवाज, आज वहां पसरा है सन्नाटा

Image: News 18 Hindi
सुल्तानपुर क्लब, जो कभी प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों का केंद्र था, अब जर्जर अवस्था में है। इसकी मरम्मत और संरक्षण की आवश्यकता है, ताकि इसे फिर से सांस्कृतिक और खेल केंद्र बनाया जा सके।
- 01सुल्तानपुर क्लब का निर्माण 1960 के दशक में हुआ था, जिसका उद्देश्य सामाजिक मेलजोल और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना था।
- 02क्लब में पोलो जैसे शाही खेल और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते थे, जिससे यह एक प्रमुख मनोरंजन स्थल बन गया।
- 031989 में आईएएस अधिकारी सुभाष कुमार द्वारा क्लब के कुछ हिस्सों का पुनर्निर्माण किया गया था, जिससे इसे नई पहचान मिली।
- 04वर्तमान में क्लब की स्थिति चिंताजनक है, दीवारों का प्लास्टर और पेंट उखड़ चुका है और कई हिस्से कमजोर हो गए हैं।
- 05नगरपालिका परिषद द्वारा क्लब के जीर्णोद्धार की योजना बनाई जा रही है, लेकिन समय रहते मरम्मत की आवश्यकता है।
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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का सुल्तानपुर क्लब, जो कभी प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों का प्रमुख केंद्र था, अब जर्जर अवस्था में है। इस क्लब का निर्माण 1960 के दशक में हुआ था, जिसका उद्देश्य सामाजिक मेलजोल और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना था। क्लब में पोलो जैसे शाही खेल खेले जाते थे और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते थे, जिससे यह एक प्रमुख मनोरंजन स्थल बन गया। हालांकि, समय के साथ इसकी रौनक फीकी पड़ गई है। वर्तमान में, क्लब की स्थिति चिंताजनक है, दीवारों का प्लास्टर और पेंट उखड़ चुका है और कई हिस्से कमजोर हो गए हैं। 1989 में आईएएस अधिकारी सुभाष कुमार द्वारा क्लब के कुछ हिस्सों का पुनर्निर्माण किया गया था, जिससे इसे नई पहचान मिली। अब नगरपालिका परिषद द्वारा इसके जीर्णोद्धार की योजना बनाई जा रही है, लेकिन इसे फिर से विकसित करने के लिए तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है।
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सुल्तानपुर क्लब के जीर्णोद्धार से स्थानीय संस्कृति और खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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