आगरा के दिल्ली गेट के 8 अनसुने किस्से: मुग़लकाल से स्वतंत्रता संग्राम तक
शाही ठाट-बाठ से लेकर आज़ादी के गदर तक, आगरा के दिल्ली गेट के 8 अनसुने किस्से जो आपको ज़रूर जानने चाहिए

Image: News 18 Hindi
आगरा का दिल्ली गेट, जो मुग़लकाल में बना था, आज भी ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसे सम्राट अकबर ने 1565 में बनवाया था। यह गेट न केवल शाही प्रवेश का स्थान था, बल्कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का भी गवाह रहा है।
- 01दिल्ली गेट का निर्माण सम्राट अकबर ने 1565 में कराया था और यह 1566 में पूरा हुआ।
- 02इस गेट का उपयोग मुग़ल बादशाहों और उनके मेहमानों के प्रवेश के लिए किया जाता था।
- 03दिल्ली गेट की वास्तुकला में अद्भुत नक्काशी और रंगीन टाइलों का उपयोग किया गया है।
- 04इस गेट को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए सैन्य किलेबंदी के रूप में डिज़ाइन किया गया था।
- 05दिल्ली गेट 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाइयों का मूक गवाह रहा है।
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आगरा का दिल्ली गेट, जो हरिपर्वत चौराहे के पास स्थित है, मुग़लकाल का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसका निर्माण सम्राट अकबर ने 1565 में कराया था और यह 1566 में तैयार हुआ। यह गेट शाही मेहमानों के प्रवेश के लिए उपयोग होता था। दिल्ली गेट की वास्तुकला में अद्भुत नक्काशी और रंगीन टाइलों का उपयोग किया गया है। इसे आक्रमणकारियों से बचाने के लिए एक अभेद्य सैन्य किलेबंदी के रूप में डिज़ाइन किया गया था। हालांकि, यह गेट आम जनता के लिए बंद है और इसे संरक्षित किया गया है। इतिहासकारों के अनुसार, यह गेट अफ़गान शासक शेरशाह सूरी के पुत्र सलीम शाह सूरी द्वारा बनवाई गई चारदीवारी का प्रमुख द्वार है। इसके अलावा, दिल्ली गेट 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की भी गवाह रहा है, जिसने उस समय की भयंकर लड़ाइयों को देखा।
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दिल्ली गेट का ऐतिहासिक महत्व आगरा के पर्यटन को बढ़ावा देता है।
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