पीपल बाबा की किताब 'पीपल की छांव' में खुलासा: एक पेड़ कैसे बचाता है सालाना ₹72,000
5 दशकों में लगा दिए 2.5 करोड़ पेड़! 'पीपल बाबा' की किताब में खुला राज... एक पेड़ कैसे बचाता है रेहड़ी-पटरी वालों के ₹72000

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स्वामी प्रेम परिवर्तन, जिन्हें 'पीपल बाबा' के नाम से जाना जाता है, ने पिछले 50 वर्षों में 2.5 करोड़ पेड़ लगाए हैं। उनकी नई किताब 'पीपल की छांव' में बताया गया है कि एक पेड़ गरीब रेहड़ी-पटरी वालों के लिए सालाना ₹72,000 की बचत कर सकता है, जो आम जनता की क्राउड फंडिंग से संभव हुआ।
- 01पीपल बाबा ने 2.5 करोड़ पेड़ लगाए हैं और 2.70 लाख हेक्टेयर भूमि को हरा किया है।
- 02एक पेड़ गरीब दुकानदार को सालाना ₹72,000 की बचत करता है, जो छांव और मुफ्त कार्यक्षेत्र प्रदान करता है।
- 03इस मुहिम के लिए आम जनता ने क्राउड फंडिंग के जरिए योगदान दिया, जिसमें छोटे दुकानदार और श्रमिक शामिल थे।
- 04पीपल बाबा ने गोबर और कचरे से उगाई गई खाद का उपयोग कर बंजर मिट्टी को उपजाऊ बनाया।
- 05उनकी किताब 'पीपल की छांव' ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति आम नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया गया है।
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स्वामी प्रेम परिवर्तन, जिन्हें 'पीपल बाबा' के नाम से जाना जाता है, ने पिछले 50 वर्षों में पर्यावरण संरक्षण के लिए अद्वितीय कार्य किया है। उन्होंने 2.5 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए हैं और 2.70 लाख हेक्टेयर भूमि पर वनस्पति को पुनर्जीवित किया है। उनकी नई किताब 'पीपल की छांव' में यह दर्शाया गया है कि एक पेड़ गरीब रेहड़ी-पटरी वालों के लिए सालाना ₹72,000 की बचत कर सकता है। यह छांव न केवल धूप और बारिश से बचाती है, बल्कि एक मुफ्त कार्यक्षेत्र भी प्रदान करती है। पीपल बाबा ने बताया कि इस मुहिम के लिए उन्होंने आम जनता से क्राउड फंडिंग के माध्यम से मदद ली, जिसमें ऑटो-रिक्शा चालक, टैक्सी ड्राइवर और छोटे दुकानदार शामिल थे। इसके अलावा, उन्होंने गोबर और कचरे से तैयार की गई खाद का उपयोग कर बंजर मिट्टी को उपजाऊ बनाया। उनकी किताब पाठकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास करती है।
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पीपल बाबा की मुहिम से स्थानीय समुदायों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
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