भारत-नेपाल सीमा विवाद पर नई रणनीति, विदेश मंत्रियों की वार्ता
दिल, सोच और सम्मान... जल्द सुलझेगा भारत-नेपाल सीमा विवाद, दोनों देशों के विदेश मंत्री ने बनी नई रणनीति

Image: Jagran
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने नई दिल्ली में कहा कि काठमांडू भारत के साथ सीमा विवाद को द्विपक्षीय तंत्रों के जरिए सुलझाना चाहता है। उन्होंने भारत को एक उभरती वैश्विक महाशक्ति मानते हुए सहयोग बढ़ाने की बात की।
- 01नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि सीमा विवाद को तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बिना सुलझाना चाहते हैं।
- 02खानल ने भारत-नेपाल संबंधों को बंधक नहीं बनाने की बात की, नई सरकार को एक नई राजनीतिक वास्तविकता बताया।
- 03उन्होंने कहा कि सच्ची परस्पर निर्भरता में सीमाएं बाधाएं नहीं, बल्कि कुशल पुल का काम करती हैं।
- 04खानल ने व्यापार, आधुनिक प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का आश्वासन दिया।
- 052026 को दोनों देशों के संबंधों में बदलाव का अनुकूल समय बताया।
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नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने नई दिल्ली में कहा कि नेपाल भारत के साथ सीमा विवाद को मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से सुलझाना चाहता है, बिना किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को बंधक नहीं बनाना चाहिए। खनाल ने भारत को एक उभरती वैश्विक आर्थिक और तकनीकी महाशक्ति मानते हुए कहा कि नेपाल इसके साथ अपनी आकांक्षाओं की ऊर्जा जोड़ना चाहता है। उन्होंने सीमा मुद्दे पर कहा कि सच्ची परस्पर निर्भरता में सीमाएं बाधाएं नहीं, बल्कि कुशल पुल का काम करती हैं। खनाल ने 2026 को दोनों देशों के संबंधों में बदलाव का अनुकूल समय बताया और कहा कि नई सरकार का लक्ष्य ठोस बदलाव लाना है।
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भारत-नेपाल के बीच संबंधों में सुधार से दोनों देशों के व्यापार और सहयोग में वृद्धि हो सकती है।
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