भारत के प्रमुख बैंकों में तकनीकी बदलाव से कर्मचारियों की संख्या में कमी
निजी बैंकों में तकनीक का असर: ऐक्सिस, HDFC और RBL बैंक में घटी कर्मचारियों की संख्या
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भारत के प्रमुख निजी बैंकों, जैसे ऐक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आरबीएल बैंक में वित्त वर्ष 26 में कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है। तकनीकी निवेश और स्वचालन के चलते उत्पादकता में वृद्धि हुई है, जिससे कार्यबल में यह कमी आई है।
- 01ऐक्सिस बैंक में 3,100 कर्मचारियों की कमी आई है, जिससे कुल संख्या 1,01,300 रह गई है।
- 02एचडीएफसी बैंक में 3,343 कर्मचारियों की कमी आई है, कुल संख्या 2,11,178 हो गई है।
- 03आरबीएल बैंक में कर्मचारियों की संख्या 14,265 से घटकर 13,316 हो गई है।
- 04बैंकों ने तकनीक में निवेश के चलते उत्पादकता में सुधार किया है।
- 05आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव भविष्य में और स्पष्ट होगा।
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भारत के प्रमुख निजी बैंकों में तकनीकी बदलाव के कारण कार्यबल की संख्या में कमी आई है। ऐक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आरबीएल बैंक में क्रमशः 3,100, 3,343 और 949 कर्मचारियों की कमी हुई है। ऐक्सिस बैंक का कार्यबल अब 1,01,300 है, जबकि एचडीएफसी बैंक में यह 2,11,178 और आरबीएल बैंक में 13,316 रह गया है। ऐक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक सुब्रत मोहंती ने बताया कि तकनीकी निवेश से उत्पादकता में वृद्धि हुई है, और इसके बावजूद बैंक ने लगभग 400 नई शाखाएं खोली हैं। एचडीएफसी बैंक के CEO शशिधर जगदीशन ने कहा कि बैंक का तकनीकी निवेश चार गुना बढ़कर लगभग एक अरब डॉलर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की संख्या में कमी मुख्य रूप से स्वचालन के कारण हुई है, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव भविष्य में और स्पष्ट होगा।
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बैंकों में कर्मचारियों की संख्या में कमी का असर उन लोगों पर पड़ेगा जो बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करते हैं, क्योंकि तकनीकी निवेश से सेवाएं अधिक कुशल बनेंगी।
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