बिहार में विधायक सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री, 18 साल बाद मिला नया नेतृत्व
18 साल बाद बिहार को मिला 'विधायक' मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी ने विश्वास मत पेश कर बदला नजारा
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बिहार में सम्राट चौधरी ने विधायक के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो पिछले 18 वर्षों में पहली बार हुआ है। नीतीश कुमार के लंबे शासन के बाद, यह बदलाव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण है।
- 01सम्राट चौधरी ने विधायक के नाते मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
- 02यह 18 साल बाद किसी विधायक का मुख्यमंत्री बनना है।
- 03नीतीश कुमार का विधान परिषद सदस्य के रूप में मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है।
- 04राज्य में विधायक और विधान परिषद के सदस्यों के बीच मुख्यमंत्री बनने का इतिहास है।
- 05पहले विधायक के रूप में मुख्यमंत्री बनने वाले वीपी मंडल थे।
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बिहार में शुक्रवार को सम्राट चौधरी ने विधायक के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो पिछले 18 वर्षों में किसी विधायक द्वारा मुख्यमंत्री बनने का पहला अवसर है। इससे पहले, नीतीश कुमार ने विधान परिषद सदस्य के रूप में मुख्यमंत्री रहते हुए एक लंबा कार्यकाल पूरा किया। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से पहले, नीतीश कुमार ने नवंबर 2005 में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बिहार में मुख्यमंत्री बनने का यह सिलसिला 1968 में वीपी मंडल से शुरू हुआ था, जब वे मधेपुरा से सांसद थे। इसके बाद कई कांग्रेसी नेता भी मुख्यमंत्री रहे, जिनमें भोला पासवान शास्त्री और चंद्रशेखर सिंह शामिल हैं। सम्राट चौधरी का यह कदम राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ लाता है।
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सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से बिहार की राजनीति में नई दिशा मिल सकती है, जिससे विकास और नीतिगत बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।
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