उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव टलने से ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ सकता है
ग्राम प्रधानों का 1 साल बढ़ेगा कार्यकाल! यूपी पंचायत चुनाव टलने से प्रशासकीय समिति को मिल सकती है जिम्मेदारी
Ndtv
Image: Ndtv
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तारीखों में देरी के कारण ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, और चुनावों में देरी के चलते प्रशासकीय समिति को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह निर्णय ग्राम प्रधानों की नाराजगी को कम करने के लिए किया जा सकता है।
- 01ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है।
- 02पंचायत चुनावों में देरी के कारण कार्यकाल बढ़ाने की संभावना है।
- 03प्रशासकीय समिति में ग्राम प्रधान और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हो सकते हैं।
- 04इलाहाबाद हाईकोर्ट चुनावों में देरी पर निर्णय लेगा।
- 05ग्राम प्रधानों ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है।
Advertisement
In-Article Ad
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तारीखों में देरी के कारण ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने के बाद बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान स्थिति में चुनाव होने की कोई उम्मीद नहीं है, इसलिए प्रशासकीय समिति को ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इस समिति में ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। पंचायती राज मंत्रालय इस पर विचार कर रहा है। उच्च न्यायालय ने चुनावों में देरी को लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछे हैं। ग्राम प्रधानों का संगठन भी समय पर चुनाव न होने पर कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहा है, यह तर्क देते हुए कि उनके पिछले कार्यकाल में कोरोना महामारी के कारण कामकाज प्रभावित हुआ। यदि चुनावों में और देरी होती है, तो यह संभावना है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनावों के बाद भी टल सकते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ने से स्थानीय प्रशासन में स्थिरता बनी रहेगी और ग्राम पंचायतों का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि पंचायत चुनाव समय पर होने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



