बिहार कैबिनेट ने पीएम फसल बीमा योजना को मंजूरी दी, भूमि मापी शुल्क में वृद्धि
बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: पीएम फसल बीमा योजना को मंजूरी, जमीन नापना हुआ दोगुना महंगा

Image: Jagran
बिहार कैबिनेट ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मंजूरी दी, जो किसानों को फसल क्षति पर मुआवजा प्रदान करेगी। इसके अलावा, भूमि मापी शुल्क दोगुना कर दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 3,662 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।
- 01प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) खरीफ 2018 से लागू राज्य फसल सहायता योजना का स्थान लेगी।
- 02भूमि मापी शुल्क शहरी क्षेत्रों में प्रति खेसरा 2,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 1,000 रुपये हो गया है।
- 03सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 3,662 करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई है।
- 04विकसित भारत-जी राम जी योजना 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी, जिसमें 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी।
- 05बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं के लिए 736 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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बिहार कैबिनेट ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को मंजूरी दी है, जो किसानों को फसल क्षति के लिए मुआवजा प्रदान करेगी। यह योजना 2018 से लागू राज्य फसल सहायता योजना का स्थान लेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। भूमि मापी शुल्क को दोगुना कर दिया गया है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में प्रति खेसरा शुल्क 2,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 1,000 रुपये होगा। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए 3,662 करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पेंशन का भुगतान हर महीने की 10 तारीख को किया जाएगा। विकसित भारत-जी राम जी योजना 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी, जिसमें 125 दिनों की रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं के लिए 736 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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किसानों को फसल बीमा से आर्थिक सहायता मिलेगी, जबकि भूमि मापी शुल्क में वृद्धि से खर्च बढ़ेगा।
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